पहली बार रणथंभौर जा रहे हैं? टाइगर सफारी, सही समय और ट्रिप प्लान की पूरी जानकारी

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  अगर आप पहली बार रणथंभौर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके मन में कई सवाल होंगे—रणथंभौर कब जाना चाहिए, कितने दिन रुकना सही रहेगा, टाइगर सफारी कैसे बुक करें, एक सफारी काफी है या दो करनी चाहिए और सबसे बड़ा सवाल, क्या रणथंभौर में बाघ जरूर दिखाई देता है? इन सवालों के जवाब जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि रणथंभौर की यात्रा किसी सामान्य sightseeing trip जैसी नहीं है। यहां आपका अनुभव मौसम, सफारी के समय, जंगल की परिस्थितियों और थोड़े से भाग्य पर भी निर्भर करता है। मेरी नजर में रणथंभौर को सिर्फ “बाघ देखने की जगह” समझना सबसे बड़ी गलती होगी। सवाई माधोपुर के पास स्थित यह इलाका जंगल, झीलों, पहाड़ियों, वन्यजीवों और ऐतिहासिक रणथंभौर किले का ऐसा मेल है, जहां एक ही यात्रा में आपको प्रकृति और इतिहास दोनों को करीब से देखने का मौका मिलता है। अगर आप अपनी पहली यात्रा को थोड़ा सोच-समझकर प्लान करते हैं, तो सिर्फ एक सफारी के बजाय पूरा रणथंभौर अनुभव करना ज्यादा यादगार हो सकता है। पहली बार रणथंभौर जाने के लिए कितने दिन काफी हैं? अगर आप पहली बार रणथंभौर जा रहे हैं, तो 2 रात और 3 दिन का trip एक अच्छा विकल्...

आगरा में ताज महोत्सव: दिखेगी लोक संस्कृति की अनूठी छटा 18 FEB.2026 to ten days

 


आगरा। शिल्प, कला और संस्कृति के उत्सव ताज महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ बुधवार को होगा। फतेहाबाद रोड स्थित महोत्सव स्थल पर देश के कोने-कोने से शिल्पी पहुुंचना शुरू हो गए हैं। टाटा ग्राउंड लघु भारत बन गया है। वंदे मातरम के 150वें वर्ष में हो रहे महोत्सव की थीम 'वंदे मातरम: परंपरा एवं राष्ट्र का गौरव' के अनुरूप महोत्सव स्थल तिरंगे के रंग में रंगा नजर आ रहा है।

बुधवार शाम यहां 'उत्तर प्रदेश के रंग' में प्रदेश की लोक संस्कृति की छटा छाएगी। 120 कलाकार रंगारंग प्रस्तुति देंगे। संस्कृति विभाग में पंजीकृत कलाकार मंगलवार शाम महोत्सव स्थल पर रिहर्सल करते नजर आए।

टाटा ग्राउंड में पहुंचे देश के कोने-कोने से पहुंच रहे शिल्पी

ताज महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1992 में शिल्पग्राम में हुई थी। शिल्पग्राम में यूनिटी मॉल के निर्माण और वहां सीमित स्थान उपलब्ध होने से पहली बार महोत्सव का आयोजन टाटा ग्राउंड में किया जा रहा है। महोत्सव की पूर्व संध्या में मंगलवार को यहां कलाकार रिहर्सल में जुटे रहे। साउंड टेस्टिंग की गई। यहां बनाए गए शॉपिंग जोन में स्टॉल लगाने को सुबह से ही देश के कोने-कोने से शिल्पियों का पहुंचना शुरू हाे गया था। स्टॉल आवंटन होने के बाद वह स्थान परिवर्तन को मशक्कत करते नजर आए। बच्चाें के लिए फन जोन बनाया गया है।

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